चाक्षुषोपनिषद
- 27 July 2016

प्रश्न :- स्नान घर और शौचालय किन दिशाओं में नहीं होना चाहिए ?
यदि गलत दिशा में बने हैं तो वास्तु दोष निवारण हेतु क्या करना चाहिए ?
उत्तर :- नियम से स्नानघर और शौचालय अलग अलग होना चाहिए, परन्तु वर्तमान परिदृश्य में यह संभव नहीं है तो लोग एक साथ ही स्नान घर और शौचालय बनवाते हैं | शौचालय किसी भी मुख्य कोण पर नहीं होना चाहिए (कोण से आशय ईशान, आग्नेय, नैऋत्य या वायव्य ) | शौचालय के लिए उपयुक्त स्थान दक्षिण और पश्चिम है | जिसमें ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए की शौच करते समय आपका मुख उत्तर अथवा दक्षिण दिशा की ओर रहे |
यदि आपका शौचालय गलत दिशा में बना है तो उसका प्रयोग बंद करे दें और जो सही दिशा में बना है उसका प्रयोग करें | यदि ये भी संभव नहीं है तो कांच के BOWL में पिसा हुआ नमक शौचालय में किसी ऊँचे स्थान पर रख दें और हर सप्ताह नमक को घर के बाहर फेंक दें और नया नमक रख दें | ऐसा करने से उस स्थान के दोष में कमी आती है |
अमित बहोरे
आज मकर संक्रांति पर्व के उपलक्ष्य में एस्ट्रो प्रयाग शोध
सामूहिक बजरंग बाण पाठ
सामूहिक रुद्राभिषेक 2021
सामूहिक रुद्राभिषेक एवं पर्यावरण रक्षा महायज्ञ
पंचदिवसीय ऑनलाइन योग कैंप
खिचड़ी वितरण एवं गंगा आरती
सामूहिक रुद्राभिषेक एवं पर्यावरण रक्षा महायज्ञ
सामूहिक रुद्राभिषेक एवं पर्यावरण रक्
"Great article and will be focussing on testimonials next. I am confident after reading your astro info that they will play a big part in improving life style. many thanks
"
"Excellent insight into adding “real” testimonials, and I just added some trying to follow these best practices. These had been added to my Google business page and another industry specific site.
"
I see some sites using one of the many plugins that display testimonials… thoughts? They seem to have a lot of features.